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जानें महिलाएं कैसे कर सकती हैं Air Force में Job


21वीं सदी की महिलाएँ भारतीय वायुसेना को अपनी सेवाएँ प्रदान कर सकती हैं। SSC (शॉर्ट सर्विस कमीशन) के अंतर्गत उन्हें 10 से 14 वर्षों तक वायुसेना में नियुक्त किया जाता है, अर्थात् 14 वर्षोंपरांत उन्हें रिटायरमेंट दे दिया जाता है।

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एक समय महिलाओं का वर्ग या यूँ कहें कि महिलाओं का पेशा बतौर ग्रहणी के तौर पर ही देखा जाता था, उनका किसी दूसरे पेशे से होना पुरुष प्रधान देश में एक वर्जित विषय था। लेकिन देश की कुछ महिलाओं ने अपने भरसक प्रयासों के कारण इन रूढ़िवादीताओं को ख़त्म कर दिया, और अपनी जैसी कई महिलाओं के लिए कामयाबी के नए आयाम बना दिए।और आज महिलाएँ देश के सभी क्षेत्रों में अपना अभूतपूर्व योगदान दे रही हैं, और ऐसा ही एक क्षेत्र है भारतीय वायु सेना; जहाँ महिलाओं की हिस्सेदारी दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। 2019 के भारतीय वायु सेना के आँकड़ों की बात करें तो 13.9% महिलाओं ने अपनी सेवाएँ भारतीय वायु सेना को प्रदान की हैं।

आज हम यहाँ इस बात पर प्रकाश डालेंगे कि महिलाएँ किस प्रकार भारतीय वायुसेना (air force) में अपनी सेवाएँ दे सकती हैं, इसके लिए उनकी क्या-क्या शैक्षणिक योग्यता होनी चाहिए, वे किस प्रकार आवेदन कर सकतीं है, और उनका वेतन कितना होगा इत्यादि।

फीमेल एयरफ़ोर्स भर्ती हेतु मुख्य परीक्षाएँ

महिलाओं के लिए भारतीय वायुसेना में प्रवेश हेतु  मुख्यतः तीन परीक्षाओं का आयोजन होता है। यह परीक्षाएँ इस प्रकार से हैं:

AFCAT (एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट)FTS (फ़ास्ट ट्रैक सिलेक्शन या मेट्रोलोज़ी विभागNCC स्पेशल एंट्री (राष्ट्रीय कैडेट कोर)

1. AFCAT (एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट) for Girls

भारतीय वायुसेना द्वारा लघु सेवा आयोग व स्थाई आयोग के लिए पात्र उम्मीदवारों की भर्ती करने हेतु यह परीक्षा आयोजित की जाती है। भारतीय वायुसेना में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) व संयुक्त रक्षा सेवाएँ (CDS) के उम्मीदवारों को छोड़कर और सभी भर्तियों के लिए AFCAT एक मुख्य परीक्षा है। AFCAT परीक्षा के आवेदन आमतौर पर जून व दिसंबर के महीने में जारी किए जाते हैं, जिसके पश्चात AFCAT की परीक्षा फ़रवरी व अगस्त में आयोजित की जाती है। जो आप भारतीय वायुसेना की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

AFCAT परीक्षा के द्वारा भारतीय वायुसेना में तीन विभागों  के लिए नियुक्तियां की जाती है जिनके लिए पद क्रमशः इस प्रकार हैं।

  • फ़्लाइंग विभाग (Flying branch)- फ़ाइटर पाइलट।
  • तकनीकी विभाग (Technical branch)- मेकैनिकल इंजीनियर व इलेक्ट्रॉनिकल इंजीनियर।
  • ग्राउंड ड्यूटी (Ground duty)- हिसाब किताब, रसद, शिक्षक, शासन प्रबंधक व अन्य।

आइये जानते हैं कि भारतीय वायुसेना में प्रवेश हेतु AFCAT परीक्षा का क्या पैटर्न होता है।

AFCAT परीक्षा में उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया निम्न दो चरणों में होती है।जहाँ प्रथम चरण में ग्राउंड ड्यूटी विभाग के उम्मीदवारों के लिए AFCAT परीक्षा देनी होती है तो वहीं तकनीकी विभाग के उम्मीदवारों के लिए इंजीनियरिंग ज्ञान परीक्षा (Engineering Knowledge Test – EKT) का पेपर देना होता है।

AFCAT परीक्षा के प्रश्न पत्र में 100 प्रश्न होते हैं, प्रत्येक प्रश्न 3 अंक का होता है तथा परीक्षा समयावधि 2 घंटे की होती है। AFCAT परीक्षा में 1 अंक की नेगेटिव मार्किंग का भी प्रावधान है। AFCAT परीक्षा में सामान्य ज्ञान (General awareness), अंग्रेज़ी में मौखिक क्षमता (Verbal ability in English), संख्यात्मक क्षमता (Numerical ability), तर्कसंगत और सैन्य योग्यता (Reasoning and Military Aptitude Test) के आधार पर प्रश्न पूछे जाते हैं।

AFCAT परीक्षा के दूसरे चरण में SSB इंटरव्यू होता है। जो उम्मीदवार प्रथम चरण में सफल हो जाते हैं, उन्हें SSB कमेटी इंटरव्यू के लिए आमंत्रित करती है जहाँ उम्मीदवारों का मानसिक योग्यता के आधार पर मूल्यांकन होता है। चयनित उम्मीदवारों को SSB कॉल पत्र के माध्यम द्वारा 5 दिनों के इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है।

SSB की प्रक्रिया कुछ इस प्रकार है:

  1. जाँच परीक्षा (Screening Test)
  2. मनोवैज्ञानिक परीक्षा (Psychological Test)
  3. समूह परिक्षण अधिकारी परीक्षा (Group Testing Officers Test)
  4. इंटरव्यू (Interview)
  5. परिणाम (Result)

AFCAT परीक्षा में पदों के अनुसार आवेदन करने के लिए महत्वपूर्ण मानदंड:

  • फ़्लाइंग विभाग (Flying Branch)
    • मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान से 10+2 भौतिक विज्ञान, गणित व रासायनिक विज्ञान में 60% न्यूनतम अंकों के साथ उत्तीर्ण होनी चाहिए।
    • किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से 4 वर्ष की तकनीकी ग्रेजुएशन डिग्री (BE व B.Tech) न्यूनतम 60% अंकों के साथ उत्तीर्ण होनी चाहिए।
    • इस विभाग के लिए आवेदक की आयु 20 वर्ष से 24 वर्ष होनी चाहिए। यदि आवेदक के पास मान्यता प्राप्त पायलट लाइसेंस उपलब्ध है तो आयु सीमा में 2 वर्ष की अतिरिक्त छूट दी जाती है।
    • आवेदक अविवाहित होना चाहिए तथा प्रशिक्षण के समय विवाह की अनुमति नहीं दी जाती है।
    • आवेदक की लंबाई 162.5cm होनी अनिवार्य है।
  • तकनीकी विभाग (Technical Branch)
    • मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान से 10+2 भौतिक विज्ञान व  गणित से उत्तीर्ण होनी चाहिए। 
    • किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से 4 वर्ष की तकनीकी ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन  की डिग्री न्यूनतम 60% अंकों के साथ उत्तीर्ण होनी चाहिए।
    • इस विभाग के लिए आवेदक की आयु 20 वर्ष से 26 वर्ष होनी चाहिए। 
    • आवेदक अविवाहित होना चाहिए तथा प्रशिक्षण के समय विवाह की अनुमति नहीं दी जाती है।
  • ग्राउंड ड्यूटी (गैर तकनीकी विभाग) (Ground Duty – Non Technical Branch)

ग्राउंड ड्यूटी विभाग में निम्न चार प्रकार के पद होते हैं, जिनके लिए शैक्षणिक योग्यता अलग-अलग होती है:

1. शासन व्यवस्था व रसद के लिए किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से 3 वर्षों के पाठ्यक्रम के अनुसार ग्रेजुएशन की डिग्री 60% अंकों के साथ उत्तीर्ण होनी चाहिए।
2. बहीखाता व्यवस्था के लिए किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से B.COM न्यूनतम 60% अंकों के साथ उत्तीर्ण होनी चाहिए। 
3. शिक्षा व्यवस्था के लिए किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय से ग्रेजुएशन की डिग्री 60% अंकों के साथ उत्तीर्ण होनी चाहिए।
4. आवेदक अविवाहित होना चाहिए तथा प्रशिक्षण के समय विवाह की अनुमति नहीं दी जाती है।

भारतीय वायुसेना में AFCAT प्रशिक्षण के मानदंड निम्न प्रकार से हैं:

  • फ़्लाइंग विभाग व तकनीकी विभाग के लिए वायुसेना के संबंधित संस्थानों में 74 सप्ताह की प्रशिक्षण  अवधि होती है।
  • ग्राउंड ड्यूटी विभाग के लिए यह अवधि 54 सप्ताह की हो जाती है।
  • प्रशिक्षण लेते समय चयनित उम्मीदवार दूसरे किसी भी तरह के आवेदन नहीं भर सकता है।

2. FTS ( फ़ास्ट ट्रैक सिलेक्शन या मेट्रोलोज़ी विभाग)

भारतीय वायुसेना द्वारा मौसम की सटीक जानकारी हेतु यह शाखा जोड़ी गई थी, अतः इस विभाग की भर्ती के लिए फ़ास्ट ट्रैक सिलेक्शन परीक्षा के माध्यम से पात्र उम्मीदवारों की भर्ती का आयोजन होता है। परीक्षा का नोटिफ़िकेशन (notification) वेकन्सी (vacancy) की उपलब्धता पर आधारित होता है।

भारतीय वायुसेना में प्रवेश हेतु FTS परीक्षा का पैटर्न

FTS के अंतर्गत आवेदकों का चयन करने हेतु, कॉमन एंट्रन्स परीक्षा (CET) का आयोजन किया जाता है, जिसमें निम्न प्रश्न पत्रों को आवेदक द्वारा हल करना आवश्यक होता है 

प्रश्न पत्र 1: अंग्रेज़ी, सामन्य ज्ञान  (30 ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्न, समयावधि- 20 मिनट )

प्रश्न पत्र 2: अंग्रेज़ी परीक्षा (3 डिस्क्रिप्टिव टाइप प्रश्न, समयावधि- 30 मिनट)

पहला प्रश्न Comprehension Passage से संबंधित, दूसरा प्रश्न Letter Writing से संबंधित, एवं तीसरा प्रश्न Paragraph Writing से संबंधित।

CET में सफल उम्मीदवारों के लिए इंटरव्यू का आयोजन होता है, जहाँ चयनित उम्मीदवारों के सामने एक दृश्य दिखाया जाता है, जिसपर बारी-बारी से सभी उम्मीदवारों को कहानी सुनानी होती है। एवं इंटरव्यू के दूसरे चरण में सभी उम्मीदवारों के बीच में सामूहिक चर्चा होती है। इंटरव्यू होने के पश्चात CET व इंटरव्यू के परिणामों के आधार पर परिणाम घोषित किए जाते हैं। सफल उम्मीदवारों को कॉल लेटर के द्वारा चयन की जानकारी दी जाती है।

FTS परीक्षा में आवेदन करने के लिए महत्वपूर्ण मानदंड:

  • किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से विज्ञान श्रेणी में 50% अंकों के साथ पोस्ट ग्रेजुएशन उत्तीर्ण होनी चाहिए।
  • इस विभाग के लिए आवेदक की आयु 20 वर्ष से 26 वर्ष होनी चाहिए।
  • यदि आवेदक 25 वर्ष से कम आयु का है तो उसे अविवाहित होना आवश्यक है। 25 वर्ष की आयु से अधिक व 26 वर्ष से कम के विवाहित आवेदक भारतीय वायुसेना में आवेदन कर सकते हैं।

भारतीय वायुसेना में FTS प्रशिक्षण के लिए वायुसेना के संबंधित संस्थानों में 1 से 1.5 साल की प्रशिक्षण अवधि होती है।

3. NCC स्पेशल एंट्री 

भारतीय वायुसेना के द्वारा NCC स्पेशल एंट्री में सिर्फ़ फ़्लाइंग ब्रांच के लिए ही आवेदन माँगे जाते है। इस भर्ती में कोई लिखित परीक्षा नहीं होती है। आवदेक की चयन प्रक्रिया SSB इंटरव्यू के मानदंडो पर आधारित की जाती है।  NCC स्पेशल एंट्री के लिए प्रमुख भारतीय मूल की महिलाओं के साथ-साथ जो महिलाएँ युगांडा, नेपाल, भूटान, केन्या, पाकिस्तान, तंज़ानिया एवं श्रीलंका से भारत आकर बस चूँकि हैं, वे सभी आवेदन करने के लिए पात्र हैं।

NCC स्पेशल एंट्री परीक्षा में आवेदन करने के लिए महत्वपूर्ण मानदंड:

  • मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान से 10+2 भौतिक विज्ञान व गणित के पाठ्यक्रम के साथ उत्तीर्ण होनी चाहिए। 
  • किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन डिग्री न्यूनतम 50% अंकों के साथ उत्तीर्ण होनी चाहिए।
  • NCC एयरविंग का C सर्टिफ़िकेट न्यूनतम B ग्रेड के साथ होना चाहिए।
  • इस विभाग के लिए आवेदक की आयु 19 वर्ष से 24 वर्ष होनी चाहिए। 
  • आवेदक अविवाहित होना चाहिए।
  • आवेदक की लंबाई 162.5cm होनी अनिवार्य है।
  • जिन आवेदकों के माता-पिता, सेना की सेवा में शाहिद हो चुके हैं या अपाहिज हो चुके हैं व जिनके माता-पिता, युद्ध क्षेत्र से लापता हो चुके हैं, उन आवेदकों को NCC स्पेशल एंट्री में वायु सेना द्वारा कुछ रिहायतें दी जाती हैं।
    • NCC का C सर्टिफ़िकेट आवश्यक नहीं है। 
    • वेकन्सी आने पर इन आवेदकों का अलग से कोटा तैयार किया जाता है।

भारतीय वायु सेना अधिकारी नौकरियों के लिए वेतन और भत्ते

वायु सेना अधिकारी बनने से पूर्व ही आप अपने अंतिम वर्ष के प्रशिक्षण के दौरान ही कमाई करना शुरू कर देते हैं- आपका मासिक वेतन ₹21,000 होता है।

वेतन पैमाने में भुगतान₹15600(उड़ान, तकनीकी, भूतल शुल्क के लिए समान)
ग्रेड पे₹5,400
सैन्य सेवा वेतन₹6000
महँगाई भत्ता₹28,890107% दर पर
किट रखरखाव भत्ता₹500
परिवहन भत्ता:₹3,200
अतिरिक्त भत्ता
फ्लाइंग भत्ता₹11,250फ्लाइंग ब्रांच अधिकारियों के लिए
तकनीकी भत्ता₹2,500तकनीकी शाखा के अधिकारियों के लिए

यदि आप भी अपने जीवन की उड़ान भारतीय वायुसेना के साथ भरना चाहती हैं तो उपरोक्त दी गई जानकारी के अनुसार विधि पूर्वक भारतीय वायुसेना में आवेदन कर सकती हैं। एवं इस लेख में दी गई जानकारी से अगर आप संतुष्ट हैं तो इसे अवश्य शेयर करें। ताकि अधिक से अधिक महिलाएँ भारतीय वायुसेना की भर्ती से जागरूक हो सकें और देश के एक महत्वपूर्ण रक्षातंत्र का हिस्सा बन सकें। 

भारतीय वायुसेना से जुड़ने हेतु महिलाओं के लिए कुछ अन्य महत्वपूर्ण सवालों के जवाब :

भारतीय वायुसेना में नौकरी पाने के लिए महिलाओं की न्यूनतम height कितनी होनी चाहिए?
भारतीय वायुसेना में नौकरी पाने के लिए महिलाओं की न्यूनतम height 148cm चाहिए।
भारतीय वायुसेना में नौकरी पाने के लिए आँखों के देखने की क्षमता कितनी होनी चाहिए?
यदि आप फ़्लाइंग विभाग से जुड़ना चाहते हैं तो आपकी आँखों की क्षमता 6/6 होना अनिवार्य हैं। यदि आपकी आँखों की क्षमता 6/9 और 6/18 है तो चश्मे के साथ आप भारतीय वायुसेना के अन्य विभागों में आवेदन कर सकते हैं।
क्या महिलाओं के लिए 14 वर्षों बाद भारतीय वायुसेना से जुड़े रहने का कोई अन्य प्रावधान है।
रक्षा मंत्रालय ने यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए है कि जिन महिलाओं को पहले SSC(शॉर्ट सर्विस कमीशन) के आधार पर सेना में भर्ती किया गया है, उन्हें अब सशस्त्र बलों में शामिल किया जाएगा। भारतीय वायुसेना के मुखिया बी.एस धनोआ ने एक इंटरव्यू में कहा कि SSC(शॉर्ट सर्विस कमीशन) से चयनित महिला अधिकारियों को PC(परमानेंट कमीशन) के अंतर्गत वेकन्सी की उपलब्धता एवं मेरिट के आधार पर लिया जाएगा।
भारतीय वायुसेना में नौकरी पाने के लिए महिलाओं का अधिकतम weight कितना होना चाहिए?
भारतीय वायुसेना में नौकरी पाने के लिए महिलाओं का अधिकतम weight 63kg चाहिए।
जिन लोगों के चश्मा लगा हुआ है क्या वे फ़्लाइंग विभाग के लिए आवेदन कर सकते हैं?
नहीं! लेकिन वह भारतीय वायुसेना के अन्य विभागों में आवेदन कर सकते हैं।

संदर्भ और उद्धरण (References & Citations)


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