जयपुर के राजा पद्मनाभ सिंह की पूरी जीवनी

जयपुर के राजा पद्मनाभ सिंह की पूरी जीवनी

Maharaja Padmanabh Singh Jaipur
महाराजा पद्मनाभ सिंह, जयपुर

आज के लोकतंत्र के दौर में भले ही राजाओं से उनकी ताकत तथा उनका शासन छिन गया हो लेकिन आज भी ऐसे कई राजा एवं राजकुमार तथा उनके वंशज है जिनका शाही ठाठ तथा राजशाही जीवन देखने को मिलता है। ऐसी ही एक शख्सियत है जयपुर के राजा सवाई पद्मनाभ सिंह। सवाई पध्मनाभ सिंह की उम्र तो केवल 21 वर्ष है लेकिन अपनी इतनी कम उम्र में राजा बनने तथा अरबों की संपत्ति के हकदार होने के कारण यह काफ़ी प्रसिद्ध हैं।

जयपुर, भारत के सबसे बड़े रजवाड़ों में से एक है। जयपुर की स्थापना 1727 में महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने की थी। जयपुर में कच्छावा वंश के राजपूतों ने राज किया है। पद्मनाभ सिंह इसी वंश के राजा हैं व इसको आगे बढ़ा रहे हैं।

महाराजा पद्मनाभ सिंह
राज2011-
जन्म12 जुलाई 1998
पितामहाराज नरेंद्र सिंह
माताराजकुमारी दीया कुमारी
राजघरानाजयपुर
शिक्षामेयो कॉलेज (अजमेर), मिलफिएल्ड स्कूल (इंग्लैंड), न्यू यॉर्क यूनिवर्सिटी
महाराजा पद्मनाभ सिंह परिवार के साथ

महाराजा पद्मनाभ सिंह का जन्म (Maharaja Padmanabh Singh Birth)

महाराजा पदमनाभ सिंह का जन्म 12 जुलाई 1998 में हुआ था। पद्मनाभ सिंह, महाराजकुमारी दीया कुमारी तथा महाराज नरेंद्र सिंह के बड़े बेटे हैं। पदमनाभ सिंह का एक छोटा भाई है जिनका नाम राजकुमार लक्ष्यराज सिंह है, जो कि वर्तमान में सिरमौर के महाराजा है। उनकी छोटी बहन का नाम गौरवी है। महाराजा पदमनाभ सिंह की माँ, राजकुमारी दीया कुमारी वर्तमान में संसदीय क्षेत्र सवाईमाधोपुर से भाजपा की विधायक भी हैं।

पद्मनाभ सिंह की माता, महाराजकुमारी दीया कुमारी जयपुर के पूर्व महाराजा भवानी सिंह जी बहादुर की इकलौती संतान हैं। सन् 2002 में महाराजा भवानी सिंह ने पद्मनाभ सिंह को अपना उत्तराधिकारी चुना। उस समय पद्मनाभ सिंह की आयु केवल 5 वर्ष थी। भवानी सिंह जी के गुज़र जाने के बाद उनकी इच्छानुसार पद्मनाभ सिंह का जयपुर के महाराजा के रूप में अनौपचारिक रूप से राज्यभिषेक किया गया जिसके बाद वे जयपुर के बारहवें महाराजा और कच्छावा राजपूत वंश के चालीसवें प्रमुख बन गए।

2002 में जब उन्हें भवानी सिंह जी द्वारा गोद लिया गया तब उस समय जयपुर में बहुत ही भव्य समारोह का आयोजन भी किया गया था। यह समारोह जयपुर के सिटी पैलेस का अब तक का दूसरा सबसे बढ़ा और भव्यशाली समारोह था। महाराजा ब्रिगेडियर भवानी सिंह के पिता सवाई मानसिंह द्वितीय का राजअभिषेक भी उसी स्थान पर 81 वर्ष पहले किया गया था।


महाराजा पद्मनाभ सिंह की शिक्षा है निजी जीवन (Education & Early Life of Maharaja Padmanabh Singh)

पद्मनाभ सिंह ने अजमेर के मेयो कॉलेज से अपनी हाईस्कूल की पढ़ाई पूरी की. जिसके बाद वह उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड चले गए। वर्तमान में वह इंग्लैंड के मिललिफिएल्ड स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं। इंग्लैंड में उन्होंने मिलफिएल्ड स्कूल (Millfield School) में पढाई की व न्यू यॉर्क यूनिवर्सिटी (New York University) से लिबरल आर्ट्स (liberal arts) का कोर्स किया।

महाराजा पद्मनाभ सिंह वर्त्तमान में रोम, इटली में रहते हैं व यूनिवर्सिटी ऑफ़ मुसीयोलोजी एवं आर्ट्स (University of Museology and Arts) से कला के इतिहास का कोर्स कर रहे हैं। पद्मनाभ सिंह अपने पोलो के पैशन के लिए जाने जाते हैं. पोलो पीढ़ियों से उनके परिवार में खेला जा रहा है। वह भारतीय ओपन पोलो कप के सबसे कम उम्र के विजेता और विश्व कप पोलो टीम के सबसे कम उम्र के सदस्य रह चुके हैं।

पोलो के अलावा महाराजा पद्मनाभ सिंह फैशन में बेहद दिलचस्पी रखते हैं व वह 2018 की ‘Forbes 30 under 30’ लिस्ट में भी रह चुके हैं। पद्मनाभ सिंह जी अक्सर अपनी फोटो इंस्टाग्राम पर शेयर करते रहते हैं। आप इनका इंस्टाग्राम यहाँ से देख सकते हैं।


राजकुमार पद्मनाभ सिंह का राज्य अभिषेक (Padmanabh Singh Coronation)

27 अप्रैल 2011 में महाराजा सवाई पदमनाभ सिंह जी को अनौपचारिक तौर पर जयपुर का नया महाराजा घोषित किया गया। उस समय उनकी उम्र 13 वर्ष थी। उनके राज्य अभिषेक के लिए जयपुर के सिटी पैलेस में एक बहुत ही भव्य समारोह का आयोजन भी किया गया। शाही अंदाज में उनको ताज पहनाया गया और ताज पहनाते समय उनको 12 तोपों की सलामी भी दी गयी।

इसके साथ ही पद्मनाभ सिंह जी करीबन 20 हजार करोड़ की संपत्ति के वारिस व कच्छावा राजपूत वंश के प्रधान बन गए। पद्मनाभ सिंह वर्तमान में 21 वर्ष के हैं व फैशन और पोलो के अलावा घूमने के बेहद शौक़ीन हैं। इनके एक इंटरव्यू के अनुसार यह भविष्य में समाज सेवा से जुड़े काम करना चाहते हैं व राजनीति में भी कदम रख सकते हैं।

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